November 5, 2026

सोनम वांगचुक के स्कूल को लद्दाख प्रशासन का नोटिस
, कक्षाएं रोकने को कहा!

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लद्दाख के प्रमुख पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के संस्थान ‘हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख‘ (HIAL) से जुड़ा विवाद एक बार फिर गहरा गया है। लद्दाख प्रशासन के लेह स्थित तहसीलदार कार्यालय द्वारा जारी एक आधिकारिक नोटिस में, संस्थान के अंतर्गत आने वाले फ्यांग स्थित ‘डेजर्ट फ्लावर स्कूल’ को अपनी सभी कक्षाएं और शैक्षणिक गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश दिया गया है। प्रशासन का आरोप है कि स्कूल ने आवश्यक सरकारी मंजूरी, सहमति या अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त किए बिना ही अपनी कक्षाएं और संचालन समय से पहले शुरू कर दिया था।

प्रशासन ने इस कार्रवाई के पीछे संस्थान की जमीन से जुड़े एक पुराने विवाद का हवाला दिया है। दरअसल, साल 2018 में प्रशासन द्वारा HIAL को 40 साल की लीज पर 1,076 कनाल (लगभग 134.5 एकड़) जमीन आवंटित की गई थी, जिसे शर्तों का अनुपालन न करने का आरोप लगाते हुए अगस्त 2025 में रद्द कर दिया गया था। यह पूरा मामला वर्तमान में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय (High Court) में विचाराधीन है। लद्दाख प्रशासन ने अपने नए नोटिस में स्पष्ट किया है कि जब तक उच्च न्यायालय का अंतिम फैसला या कोई नया निर्देश नहीं आ जाता, तब तक स्कूल परिसर में यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखी जाए ताकि कानूनी कार्यवाही पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

दूसरी ओर, सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी व HIAL की सीईओ गीतांजलि जे. आंग्मो ने इस नोटिस को पूरी तरह से “बेबुनियाद” और प्रशासन की ओर से “शाही फरमान” करार दिया है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि स्कूल की मंजूरी के लिए शिक्षा विभाग और उपायुक्त (DC) कार्यालय के बीच प्रशासनिक अड़चनों के कारण पिछले तीन महीनों से मामला लटका हुआ था, जबकि संस्थान की ओर से लगातार छह पत्र भेजे गए थे। वांगचुक ने इस कार्रवाई को लद्दाख प्रशासन की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने और असहमति को दबाने के लिए एक “विज-हंट” ( Witch-hunt) बताया। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि इस नोटिस का मुख्य उद्देश्य किंडरगार्टन में नामांकित 46 बच्चों के अभिभावकों में डर का माहौल पैदा करना है।