September 5, 2026

समुद्री ताकत पर मोदी का बड़ा संदेश, दुनिया को संकेत

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कोलकाता में आयोजित एक महत्वपूर्ण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति को देश की आर्थिक और रणनीतिक प्रगति का आधार बताया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर तीन स्वदेशी नौसैनिक प्लेटफॉर्म राष्ट्र को समर्पित करने के बाद उन्होंने कहा कि आज के दौर में किसी भी देश की वैश्विक स्थिति उसकी समुद्री क्षमताओं से तय होती है और भारत इस वास्तविकता को भली-भांति समझता है।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में केवल खरीददार देश बनकर नहीं रहना चाहता। उन्होंने कहा कि देश की सैन्य शक्ति दुनिया के लिए बाजार नहीं बन सकती। भारत का लक्ष्य आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना है, ताकि अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों और युद्ध प्रणालियों के निर्माण में देश खुद सक्षम बन सके। उनके अनुसार, यही नए भारत की असली ताकत और पहचान है।

हाल के वर्षों में भारत ने नौसेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा निर्माण पर विशेष ध्यान दिया है। INS विक्रांत जैसे स्वदेशी विमानवाहक पोत से लेकर नए युद्धपोतों और समुद्री सुरक्षा परियोजनाओं तक, देश लगातार अपनी समुद्री क्षमता का विस्तार कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक चुनौतियों के बीच मजबूत नौसेना भारत की सुरक्षा और व्यापारिक हितों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मजबूत समुद्री शक्ति केवल रक्षा तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह किसी राष्ट्र के आर्थिक प्रभाव, वैश्विक व्यापार और रणनीतिक पहुंच को भी नई ऊंचाई देती है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत रक्षा उत्पादन में तेजी से आगे बढ़ रहा है। समारोह में कई वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों और नौसेना के शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति ने इस अवसर को और भी खास बना दिया।

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