रांची में बिल्डरों पर IT का बड़ा शिकंजा, करोड़ों की अघोषित आय उजागर
रांची: आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने रांची के प्रमुख रियल एस्टेट समूह पानस रियल्टर्स और दयानंद मोदी ग्रुप के परिसरों में कई दिनों तक चले सर्वे अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में अघोषित आय से जुड़े दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड जुटाए हैं। शुरुआती जांच में विभाग को दोनों समूहों से जुड़े लेन-देन में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
सूत्रों के मुताबिक, जांच में 200 करोड़ रुपये तक की संभावित अघोषित आय से जुड़े इनपुट सामने आए हैं, हालांकि अंतिम आंकड़ा दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगा। सर्वे के दायरे में दोनों कारोबारी समूहों की कई परियोजनाएं और उनसे जुड़े व्यक्तियों के वित्तीय रिकॉर्ड भी शामिल हैं। फिलहाल आयकर विभाग ने इस मामले में कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और कर चोरी पर अंकुश लगाने की दिशा में यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि जांच में वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होती है, तो संबंधित पक्षों के खिलाफ आयकर कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। पूरे मामले पर अब विभाग की विस्तृत जांच और अंतिम रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं।
