November 5, 2026

Rajya Sabha Numbers Game:राज्यसभा का नंबरगेम: विपक्ष की फूट से दो-तिहाई बहुमत की ओर बढ़ा NDA, भाजपा की बढ़ी ताकत

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सर्च न्यूज: सच के साथ: सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) उच्च सदन में दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गया है। विपक्षी खेमे, विशेष रूप से तृणमूल कांग्रेस (TMC) और आम आदमी पार्टी (AAP) में हुई बगावत और आंतरिक टूट ने भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन की स्थिति को संसद के इस सदन में अत्यधिक मजबूत कर दिया है। नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण और आगामी उपचुनावों के गणित से सरकार के लिए महत्वपूर्ण और कड़े संवैधानिक विधेयकों को पारित कराने की राह आसान होती दिख रही है।

नंबर गेम की बात करें तो 245 सदस्यों वाले उच्च सदन राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वर्तमान में 114 सदस्य हैं। पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी उपचुनावों की तीन सीटों पर भाजपा की जीत तय मानी जा रही है, जिससे अकेले भाजपा की सदस्य संख्या बढ़कर 117 हो जाएगी। यदि इसमें एनडीए के सहयोगी दलों के 26 सदस्यों और हाल ही में झारखंड से जीतकर आए तीन भाजपा समर्थित निर्दलीय सांसदों को जोड़ दिया जाए, तो राजग का कुल कुनबा 146 सदस्यों तक पहुंच जाता है। इसके अलावा, राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाने वाले 7 नामित सदस्यों का परोक्ष समर्थन भी हमेशा सत्तापक्ष के साथ रहता है, जिससे यह संख्या आसानी से 153 तक छू लेती है।राज्यसभा में किसी भी बड़े संवैधानिक संशोधन बिल को पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी 164 सदस्यों के जादुई आंकड़े की आवश्यकता होती है। वर्तमान समीकरणों को देखते हुए एनडीए इस ऐतिहासिक आंकड़े से महज 13 अंक दूर रह गया है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी प्रबल चर्चा है कि टीएमसी के शेष बचे सांसदों में से कुछ और सदस्य पार्टी का दामन छोड़ सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो एनडीए को दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा हासिल करने के लिए केवल 7 से 8 अतिरिक्त सांसदों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी, जिससे विपक्षी खेमे की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी

हालांकि, राज्यसभा में इस बड़ी कामयाबी और नंबर गेम के बावजूद लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करना एनडीए के लिए अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। लोकसभा में विशेष बहुमत के लिए आवश्यक 363 के जादुई आंकड़े से सत्ताधारी गठबंधन अभी भी काफी दूर है, भले ही उसे निचले सदन में टीएमसी के कुछ बागी सांसदों का समर्थन मिलने की अटकलें लगाई जा रही हों। सरकार के लिए राहत की बात यह है कि राज्यसभा में बढ़ती ताकत के बूते वह महिला आरक्षण को पूर्ण रूप से अमलीजामा पहनाने और परिसीमन (Delimitation) जैसे महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों को आगे बढ़ाने की रणनीति पर मजबूती से काम कर सकती है।