प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दीक्षा और दर्शन पर अनिश्चितकालीन रोक, शिष्य की संदिग्ध मौत के बाद प्रबंधन का बड़ा फैसला
सर्च न्यूज: सच के साथ: मथुरा-वृंदावन के सुप्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम ‘श्री राधा केलि कुंज’ में आध्यात्मिक गतिविधियों को लेकर एक बहुत बड़ा बदलाव किया गया है। आश्रम प्रबंधन ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक उद्घोषणा के माध्यम से जानकारी दी है कि महाराज जी की दीक्षा उपस्थिति (नाम मंत्र दीक्षा), एकांतिक दर्शन और वार्तालाप को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस फैसले के बाद वृंदावन पहुंचने वाले देश-विदेश के हजारों श्रद्धालुओं और नए भक्तों में असमंजस की स्थिति बन गई है।यह कड़ा और अप्रत्याशित फैसला प्रेमानंद जी महाराज के एक युवा शिष्य रसिक दुलारी शरण (मूल नाम दीपक लोधी) की आश्रम परिसर में हुई बेहद संदिग्ध मौत के बाद लिया गया है।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है। वहीं दूसरी ओर, मृतक के परिजनों ने भी आश्रम प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। इसी गहमागहमी और सुरक्षात्मक दृष्टिकोण के बीच, आश्रम प्रशासन ने मुख्य द्वारों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टोकन व्यवस्था के तहत होने वाले दर्शनों को भी पूरी तरह से बंद कर दिया है।
