फैक्ट्रियों में इंसानों की जगह लेंगे AI रोबोट? 2031 तक 1 लाख ह्यूमनॉइड मशीनों का बड़ा लक्ष्य
सर्च न्यूज: सच के साथ: रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले कई हफ्तों से सरकारी तेल कंपनियां पुराने रेट पर ईंधन बेचकर भारी नुकसान झेल रही थीं। ईरान युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं, जिससे भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर दबाव बढ़ गया। तेजी से ऐसे दौर की ओर बढ़ रही है जहां फैक्ट्रियों में इंसानों के साथ AI आधारित ह्यूमनॉइड रोबोट काम करते नजर आएंगे। ब्रिटेन की रोबोटिक्स कंपनी Humanoid ने जर्मनी की दिग्गज औद्योगिक कंपनी Schaeffler के साथ एक बड़ा समझौता किया है, जिसके तहत आने वाले वर्षों में 1,000 से 2,000 ह्यूमनॉइड रोबोट्स को फैक्ट्रियों में तैनात किया जाएगा। यह डील दुनिया के सबसे बड़े औद्योगिक रोबोट प्रोजेक्ट्स में से एक मानी जा रही है|
इस समझौते का सबसे बड़ा संकेत यह है कि रोबोटिक्स इंडस्ट्री अब सिर्फ प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि बड़े स्तर पर असली फैक्ट्री ऑपरेशन्स में प्रवेश कर रही है। Schaeffler कंपनी इन रोबोट्स के लिए लाखों एक्ट्यूएटर्स भी सप्लाई करेगी, जो रोबोट्स के हाथ-पैर और मूवमेंट सिस्टम को नियंत्रित करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 5 से 10 वर्षों में AI और ह्यूमनॉइड रोबोट मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउस सेक्टर को पूरी तरह बदल सकते हैं। हालांकि इसके साथ नौकरी, मानव श्रम और भविष्य की अर्थव्यवस्था को लेकर नई बहस भी तेज हो गई है।
