September 4, 2026

PM Modi’s Big Message at Khelo India Dialogue जो खेले, वो खिले: खेल सिर्फ मेडल जीतने तक सीमित नहीं, विकसित भारत के निर्माण में युवाओं से बोले PM मोदी

IMG_20260827_134249

Signature: S0mHkVGKpIrBbDtfC4ZzZb6pnQs+PAK4Yopiz4ytClsZ83oVDo4EWTbDzZQLqs2UfYPiAOcrISjYMT77VL0Ct6/fiMM94F6fDjnZkD+b+8lSFl57B+9dL00JxiTVUiIsPCsW6Ik4c/GeNSWCkr1ID4WoFx3kCcXph2xm7jBH4oWSdz55eJ0adc/bP2og+FTjtHwMYSyfICoxKXROCnhUTFxT6XS7QIsVuy40KYYfWNQ/fepFUoVHKibrieLaJs/CAIan70lg6Ya0cqDNlbGhyRzXmr4cG2WVkYX/Msu+wQh34jZX5dswa2mIg2bZ9WKZz0qMSPbNSh+rm7U6RbrGnmPRkCGXEGAzTQ6HCF29+qFKdJE9S+xNXfSlwMM0Uf3kj5O8TKFptnH/dVesNNpJV/ankb/E02flhWY8w8a8c680xkqXJxcPZUx+9iAHGHIke0fukr85gVkRjeHjNifzbv+xLfCNN9XcUM/wHO7TUJI1M2Z9QpdrJ1Unqfkq+VvicotcxfpWNGkyTpqGNvzAuKDonXtQ/xBX/sl2ItkKNYONf7UunWsuIVlq5XeO7wBDv9zYp5Y2e7oYmpQNg+D/s/yDqkJy6mFAy7f0aGSVdBFoXjIY5i5eWpFp1cK1mKOstLDI5bt6lcx+ygN97r31NIpTrIJq5De3DK5hJxF23zEufd3frNkMsLIVY5+wC4Y4pelTwzqqj0efQ5qbJ4IMi7UP2J4s2uudQQv8RZ6b7AKNCX3pCHkagRoXxRCaXwFzenJ6arnuIcLAAHi3DFKlvwkZY8QZFN/j/ldpvvbCFjuaygXp8elLuqUVol8axPUeQ8thEq1uM8c57DL0Kg37m3ocmEFznX8/c65NB3eENqapkmZEdzpSPeQAO9hOavcDdGdZD4Ws8rQZnjUt/RXHslFgqVGAllN5ubhlRWw3J+hpvrTzOPYgf/5O4taq1gjmD1WQpjxQU/keHBoS+LImfjMFmaLa3LVt3+Lqu//sXrs=

सर्च न्यूज: सच के साथ:नई दिल्ली, 27 अगस्त 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘खेलो इंडिया संवाद’ के दौरान देशभर के युवाओं, खिलाड़ियों और खेल से जुड़े प्रतिभागियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जोड़ना, उनकी आकांक्षाओं और सुझावों को सामने लाना तथा खेल के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाना था। कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न स्थानों से युवा, खिलाड़ी और स्वयंसेवक जुड़े।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत की ओलंपिक तैयारियों और खेलों में व्यापक भागीदारी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की ओलंपिक पदक क्षमता बढ़ाने के लिए केवल उन्हीं खेलों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, जिनमें देश पहले से मजबूत है। प्रधानमंत्री ने इसे एक बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि भारत अभी ओलंपिक के कई खेलों में भाग ही नहीं लेता, जिसके कारण पदक जीतने के कई अवसर हमारे सामने आते ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जिन खेलों में भारत की भागीदारी बहुत कम या नहीं के बराबर है, उनमें भी खिलाड़ियों को तैयार करना होगा।

PM मोदी ने 2036 ओलंपिक के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कम उम्र से ही खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें सही प्रशिक्षण देने की जरूरत बताई। उन्होंने 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए राष्ट्रव्यापी टैलेंट आइडेंटिफिकेशन अभियान की बात दोहराई। प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में बच्चों की प्राकृतिक प्रतिभा और उनकी क्षमता को वैज्ञानिक तरीके से पहचानकर उन्हें उस खेल के लिए तैयार किया जाना चाहिए, जिसमें वे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने बेहतर कोचिंग, खेल विज्ञान, पारदर्शी चयन और खिलाड़ियों के लंबे समय तक विकास पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत का खेल विजन केवल अधिक पदक जीतने तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार खेल युवाओं को अनुशासन, फिटनेस, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का माध्यम है। ‘खेलो इंडिया संवाद’ में खेल, ओलंपिक आकांक्षाओं, युवा नेतृत्व, विकसित भारत और नशा-मुक्त युवा जैसे विषयों पर भी चर्चा को केंद्र में रखा गया। प्रधानमंत्री ने युवाओं से खेल को जीवन का हिस्सा बनाने और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने का आह्वान किया।

You may have missed