सर्च न्यूज: सच के साथ: बेंगलुरु: कर्नाटक में सोमवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार का बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार पूरा हो गया। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 20 विधायकों ने मंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल ने सभी नए मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई। मंत्रिमंडल विस्तार के साथ सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद जिन नेताओं को जगह नहीं मिली, उनमें से कुछ विधायकों के असंतोष और संभावित इस्तीफे की चर्चाओं ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि मंत्रिमंडल में सभी को एक साथ शामिल करना संभव नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी नेतृत्व और सरकार सभी विधायकों का सम्मान करती है तथा किसी भी असंतोष को बातचीत के माध्यम से दूर किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासन को मजबूत बनाना है। उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि सभी विधायक पार्टी के साथ मिलकर जनता की सेवा करेंगे और संगठन को मजबूत करेंगे।कैबिनेट विस्तार के बाद अब विभिन्न विभागों का आवंटन भी जल्द किया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विस्तार आगामी राजनीतिक चुनौतियों और प्रशासनिक संतुलन को ध्यान में रखकर किया गया है। वहीं विपक्ष ने मंत्रिमंडल गठन को लेकर सरकार पर राजनीतिक संतुलन साधने का आरोप लगाया है, जबकि कांग्रेस इसे अनुभव और युवा नेतृत्व का संतुलित मिश्रण बता रही है।