November 4, 2026

जमशेदपुर में विसर्जन पर्व को लेकर सुरक्षा अभेद्य: नदियों और घाटों पर तैनात रहेंगे विशेष बल, DC और SSP ने किया घाटों का निरीक्षण

file_0000000037ec81fabd5f005399458cf1

सर्च न्यूज: सच के साथ: जमशेदपुर में आगामी दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। इसी सिलसिले में जिले के उपायुक्त (DC) और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने संयुक्त रूप से शहर के विभिन्न प्रमुख विसर्जन घाटों का विस्तृत निरीक्षण किया। प्रशासनिक टीम ने बारीडीह भोजपुर घाट, भुइयाँडीह पांडे घाट, मानगो घाट, सोनारी दोमुहानी, और कदमा नदी घाट जैसे संवेदनशील स्थलों का दौरा कर वहां सुरक्षा, बैरिकेडिंग, और आवश्यक जनसुविधाओं की उपलब्धता की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम और गोताखोरों की तैनाती: त्योहार के दौरान विधि-व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को सुचारू बनाए रखने के लिए जिले में व्यापक पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जा रही है। नदी घाटों पर किसी भी अप्रिय घटना या जल दुर्घटना को रोकने के लिए गहरे पानी वाले क्षेत्रों को बैलून व चेतावनी बोर्ड लगाकर चिह्नित (डेंजर ज़ोन) किया जा रहा है। इसके साथ ही, विसर्जन के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी प्रमुख घाटों पर कुशल गोताखोरों, जल पुलिस, लाइफ जैकेट, नाव और क्रेन/हाइड्रा की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे विसर्जन मार्ग और घाट परिसरों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए की जाएगी, ताकि असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा सके।

यातायात प्रतिबंध, रूट चार्ट और नियमों का पालन अनिवार्य; विसर्जन के पावन अवसर पर शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एक विशेष रूट चार्ट और नो-एंट्री नियमावली जारी की है। विसर्जन के मुख्य दिन निर्धारित मार्गों पर बसों समेत सभी भारी और चारपहिया वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा, ताकि विसर्जन जुलूस बिना किसी बाधा के निकल सके। जिला प्रशासन ने केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति और सभी स्थानीय पूजा कमेटियों से संवाद कर अपील की है कि वे सरकारी दिशानिर्देशों का अक्षरशः पालन करें। विसर्जन जुलूसों के दौरान अत्यधिक ध्वनि वाले डीजे के इस्तेमाल पर कड़ा प्रतिबंध रहेगा और तय सीमा से अधिक शोर मचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।