जमशेदपुर में तेल संकट गहराया: पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, कई इलाकों में ‘नो स्टॉक’ की स्थिति
सर्च न्यूज: सच के साथ: जमशेदपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत देखने को मिल रही है, जिससे आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। शहर के कई पेट्रोल पंपों पर सीमित मात्रा में तेल दिया जा रहा है, जबकि ग्रामीण इलाकों के कई पंप पूरी तरह खाली हो चुके हैं और वहां ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लगा दिए गए हैं।
स्थिति को संभालने के लिए शहर के कई पंपों ने नया “कोटा सिस्टम” लागू कर दिया है। कुछ जगहों पर कारों को केवल 40 लीटर तक पेट्रोल दिया जा रहा है, जबकि कहीं डीजल की अधिकतम सीमा तय कर दी गई है। कई पंपों ने डिब्बों और गैलन में तेल देने पर भी रोक लगा दी है ताकि ब्लैक मार्केटिंग और जमाखोरी को रोका जा सके।
ग्रामीण इलाकों जैसे पोटका, हाता और हल्दीपोखर में हालात और ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं। यहां लोग पेट्रोल के लिए एक पंप से दूसरे पंप भटक रहे हैं। कुछ जगहों पर प्रति व्यक्ति सिर्फ 100 रुपये का पेट्रोल दिया जा रहा है, जिससे लंबी कतारें और अफरा-तफरी का माहौल बन गया है।
इस बीच, अफवाहों और घबराहट में लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करा रहे हैं, जिससे संकट और तेजी से बढ़ रहा है। अगर जल्द ही तेल की सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में परिवहन, स्कूल बसों और माल ढुलाई सेवाओं पर बड़ा असर पड़ सकता है।
