November 4, 2026

जमशेदपुर में 750 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले में बड़ी कार्रवाई: स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल के ठिकानों पर ईडी की दबिश, कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त

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सर्च न्यूज: सच के साथ: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने करीब 750 करोड़ रुपये के भारी वस्तु एवं सेवा कर (GST) घोटाले और अवैध वित्तीय लेनदेन के सिलसिले में स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल के कई ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की है। केंद्रीय जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने सुबह बिष्टुपुर के एन रोड स्थित बीएस टॉवर में उनके आवासीय कार्यालय तथा आदित्यपुर और गम्हरिया औद्योगिक क्षेत्र में स्थित प्लांट परिसरों में एक साथ दबिश दी।इस छापेमारी की कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत की जा रही है। जांच एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, स्क्रैप कारोबारी बबलू जायसवाल और उनके सिंडिकेट पर बोगस (फर्जी) कंपनियों के जरिए फर्जी बिलिंग करने, बिना वास्तविक माल (लौह स्क्रैप) की आपूर्ति किए सिर्फ कागजी इनवॉइस जारी करने और अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) प्राप्त कर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप हैं। जांच के दौरान ईडी की टीमों ने वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और टैक्स चोरी से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।

इस बड़ी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसके लिए सीआरपीएफ (CRPF) और स्थानीय पुलिस बल को तैनात किया गया है। जांच के दायरे में आए परिसरों में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। उल्लेखनीय है कि ज्ञानचंद जायसवाल का विवादों से पुराना नाता रहा है; इससे पूर्व भी जून 2024 में महानिदेशालय (DGGI) की जमशेदपुर इकाई ने उन्हें 55.66 करोड़ रुपये के जीएसटी फर्जीवाड़े में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस बार मामले के तार कोलकाता और अन्य हवाला नेटवर्क से जुड़े होने के कारण उनके ऑडिटर संजय पारेख और सहयोगियों के ठिकानों पर भी एक साथ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

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