September 5, 2026

झारखंड में मतदाता पुनरीक्षण तेज, 83% वोटरों तक पहुंचे फॉर्म

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रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-2026) अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि राज्य में अब तक 83.40 प्रतिशत मतदाताओं तक इन्यूमरेशन फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं। वहीं, 5,336 मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने सभी पात्र मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचाने का 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है। निर्वाचन आयोग का उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जानकारी दी कि 14 जुलाई 2026 को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक बीएलओ और बीएलए-2 की संयुक्त बैठक के साथ विशेष ‘चुनाव पाठशाला’ आयोजित की जाएगी। इस दौरान प्रारूप सूची का सार्वजनिक सत्यापन किया जाएगा और ऐसे मतदाताओं पर विशेष चर्चा होगी, जिनका विवरण अभी तक सूची से पूरी तरह मैप नहीं हो पाया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना है।

अभियान के दौरान कई मतदान केंद्रों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। चक्रधरपुर, तोरपा, बड़कागांव और सिमडेगा विधानसभा क्षेत्रों के कुछ बूथों पर सभी मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म भरवाने के साथ उनका 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन भी पूरा कर लिया गया है। निर्वाचन विभाग ने इन बूथों के बीएलओ, मतदाताओं, बीएलए-2 और अन्य संबंधित हितधारकों की सराहना करते हुए इसे अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया है।

निर्वाचन आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवा मतदाताओं, बूथ अवेयरनेस ग्रुप, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ एजेंटों और अन्य संबंधित पक्षों से सक्रिय सहयोग की अपील की गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभियान का मूल उद्देश्य “कोई पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से न छूटे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो”, ताकि राज्य की चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष और विश्वसनीय बनी रहे।

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