September 4, 2026

Jharkhand ED Action:झारखंड: ED की बड़ी कार्रवाई, मनी लॉन्ड्रिंग जांच में ₹3.87 करोड़ की संपत्ति अस्थाई रूप से जब्त

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सर्च न्यूज: सच के साथ :प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रांची क्षेत्रीय कार्यालय ने झारखंड में माओवादी टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के कड़े प्रावधानों के तहत एक निर्माण कंपनी और उसके सहयोगियों की 3.87 करोड़ रुपये मूल्य की 11 अचल संपत्तियों को अस्थाई रूप से जब्त (कुर्क) किया है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से ‘संतोष कंस्ट्रक्शन’ और उससे जुड़े संदिग्धों के खिलाफ केंद्रित है।

ईडी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह जांच झारखंड पुलिस द्वारा लातेहार जिले के चंदवा थाने में दर्ज प्राथमिकियों और बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा की गई जांच के आधार पर शुरू की गई थी। यह मामला 22 नवंबर 2019 को लातेहार के लुकुइया मोड़ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-75) पर हुए एक भीषण माओवादी हमले से जुड़ा है, जिसमें झारखंड पुलिस के चार जवान शहीद हो गए थे और उनके हथियार लूट लिए गए थे। इसके अलावा, प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के 20 लाख रुपये के इनामी रीजनल कमांडर रवींद्र गंझू को लेवी (जबरन वसूली) के रूप में मोटी रकम भुगतान करने का भी आरोप है

जांच में यह खुलासा हुआ है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए लगभग 7.16 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) उत्पन्न की गई थी। इसमें से एनआईए ने अपनी छापेमारी के दौरान 2.69 करोड़ रुपये नकद बरामद किए थे, जबकि शेष 4.46 करोड़ रुपये को वित्तीय वर्ष 2017-18 और 2018-19 के दौरान पूंजी निवेश के रूप में कंस्ट्रक्शन फर्म में शामिल कर घुमाया गया (लेयरिंग की गई) था। इस काली कमाई को बैंकिंग प्रणाली की नजरों से छिपाने के लिए लातेहार जिले के चंदवा और कमता मौजा में कम मूल्य के सेल डीड और ऑफ-द-बुक्स नकद भुगतानों के जरिए 11 अचल संपत्तियों को खरीदा गया था, जिन्हें अब केंद्रीय एजेंसी ने अटैच कर लिया है।

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