कदमा में वार्षिक सम्मेलन, हुई साहित्यिक चर्चा
जमशेदपुर : झारखंड बंगाली समिति का वार्षिक सम्मेलन कदमा उलियान स्थित निर्मल भवन में आयोजित हुआ, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि श्रीलेदर्स के पार्टनर शेखर डे शामिल थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष विद्रोह मित्र ने की. इसके अलावा नेताजी सुभाष मंच के अध्यक्ष परेश कुमार नंदी, समिति के संयोजक निखिल दत्त, नीति निर्धारक झरना कर और महासचिव तपन सेनशर्मा भी उपस्थित थे. अतिथियों का स्वागत स्वपन दासगुप्ता ने किया.
अपने संबोधन में शेखर डे ने कहा कि जो लोग बंगला भाषा और साहित्य के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें मैं नमन करता हूं और हमेशा उनके साथ रहूंगा. वहीं विद्रोह मित्र ने कहा कि बंगाली भाषा को जीवित रखने के लिए नई पीढ़ी को आगे आना होगा. उन्होंने बताया कि करमाटांड़ में विद्यासागर के होम्योपैथिक क्लिनिक और लाइब्रेरी को फिर से शुरू करने के प्रयास जारी है. कार्यक्रम के दूसरे सत्र में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर साहित्यिक चर्चा आयोजित की गई. सांस्कृतिक कार्यक्रम में समिति की शमिता रक्षित, अदिति सेनगुप्ता, तपती दत्ता, देवयानी दत्ता, शर्मिष्ठा धर, शम्पा मुखर्जी, दीपा बनर्जी, सुपर्णा सेन शर्मा और बुलबुल घोष सहित अन्य सदस्यों ने गीत प्रस्तुत किए. तबला में संगत किये डॉ पार्थ दास ने. इस अवसर पर निसार अमीन द्वारा संपादित समिति स्मारिका का विमोचन भी किया गया.