November 4, 2026

हाई कोर्ट से झटका लगने के बाद विशेष PMLA अदालत का कड़ा रुख; सीएम हेमंत सोरेन को 21 सितंबर को पेश होने का अंतिम निर्देश

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सर्च न्यूज: सच के साथ: रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ कथित जमीन घोटाला मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में शनिवार को रांची की विशेष पीएमएलए (PMLA) अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हुए. मुख्यमंत्री के कानूनी सलाहकार ने अदालत में एक आधिकारिक आवेदन दाखिल करते हुए बताया कि वे पूर्व निर्धारित आवश्यक संवैधानिक और प्रशासनिक दायित्वों में व्यस्त होने के कारण व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने में असमर्थ रहे.

इसके बाद, अदालत ने उनके वकील की दलीलों को सुनते हुए अगली सुनवाई के लिए 21 सितंबर 2026 की तारीख निर्धारित कर दी है.विशेष पीएमएलए कोर्ट ने मुख्यमंत्री को सख्त हिदायत देते हुए निर्देश दिया है कि उन्हें सोमवार (21 सितंबर) शाम 4:00 बजे तक अदालत के समक्ष हर हाल में उपस्थित होना होगा. हालांकि, कोर्ट ने सोरेन को बड़ी राहत प्रदान करते हुए यह भी विकल्प दिया है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार फिजिकल (व्यक्तिगत रूप से) या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वर्चुअल माध्यम से भी अदालत की कार्यवाही में भाग ले सकते हैं. शनिवार को होने वाली इस सुनवाई में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा सोरेन के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय (Framing of Charges) किए जाने थे, जिसे अब सोमवार तक के लिए टाल दिया गया है.

यह अदालती घटनाक्रम झारखंड हाई कोर्ट द्वारा मुख्यमंत्री को दिए गए एक बड़े झटके के ठीक एक दिन बाद आया है. सोरेन ने विशेष अदालत द्वारा उनकी डिस्चार्ज याचिका (मामले से बरी करने की अर्जी) खारिज किए जाने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी और चल रही आपराधिक कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी. न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की पीठ ने मुख्यमंत्री की इस अंतरिम रोक लगाने की याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसके बाद निचली अदालत में उनके खिलाफ ट्रायल और औपचारिक आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है.

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