September 5, 2026

घाटशिला की महिला किसानों को मिला आधुनिक खेती का नया मंत्र

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जमशेदपुर (घाटशिला): पूर्वी सिंहभूम के कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), घाटशिला में आयोजित महिला किसान गोष्ठी एवं महिला अनुकूल कृषि यंत्र जागरूकता कार्यक्रम में आधुनिक खेती और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त राजीव रंजन ने महिला किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक और महिला-अनुकूल कृषि तकनीकों को अपनाने से न केवल श्रम में कमी आएगी, बल्कि उत्पादकता और आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, मशरूम उत्पादन, पोषण वाटिका, श्री अन्न (मिलेट्स) और अन्य आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। उपायुक्त ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए किसानों से पारंपरिक धान की खेती के साथ-साथ मोटे अनाज और अन्य वैकल्पिक फसलों को अपनाने की अपील की। उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक महिला किसानों तक पहुंचाने और कृषि में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

गोष्ठी में महिला किसानों को निराई, बुवाई, कटाई और अन्य कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले महिला-अनुकूल कृषि यंत्रों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। वैज्ञानिकों ने इन उपकरणों के सुरक्षित संचालन और रखरखाव की जानकारी साझा की, जबकि प्रतिभागियों के बीच उन्नत बीज और कृषि उपकरण भी वितरित किए गए। साथ ही, किसानों की समस्याओं का मौके पर समाधान करते हुए प्राकृतिक संसाधन संरक्षण, जलवायु-अनुकूल खेती और पोषण सुरक्षा जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारियों, वैज्ञानिकों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में महिला किसानों ने भाग लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर कृषि उद्यमी बनने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान करेंगे, जिससे जिले में टिकाऊ और आधुनिक कृषि को भी बढ़ावा मिलेगा।

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