EPFO 3.0:: “वेतनभोगी (Salaried) कर्मचारियों के लिए कैसे बदल रही है रिटायरमेंट प्लानिंग? जानें EPFO 3.0 का असर”
सर्च न्यूज: सच के साथ: ईपीएफओ (EPFO) अपने 3.0 सुधारों के तहत देश के करोड़ों असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को एक व्यापक सामाजिक सुरक्षा ढांचे में शामिल करने के लिए एक नई अंशदायी पेंशन योजना (Contributory Pension Scheme) पर सक्रियता से काम कर रहा है। इस ऐतिहासिक कदम का मुख्य उद्देश्य उन 76% श्रमिकों को सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान करना है जो वर्तमान में किसी भी पेंशन दायरे से बाहर हैं। इस पहल के तहत डिलीवरी पार्टनर्स, ड्राइवर्स, फ्रीलांसरों और निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों को सीधे तौर पर लक्षित किया गया है।
श्रमिकों द्वारा जमा की जाने वाली इस राशि को दीर्घकालिक सरकारी समर्थित प्रतिभूतियों (Government-backed Securities) में सुरक्षित रूप से निवेश किया जाएगा, जिस पर सालाना आधार पर ब्याज दिया जाएगा। जब श्रमिक 60 वर्ष की आयु पूरी कर लेगा, तब इस संचित ‘टारगेट रिटायरमेंट सम’ (TRS) को तत्कालीन वार्षिकी और ब्याज दरों के अनुसार एक नियमित मासिक पेंशन में बदल दिया जाएगा। वर्तमान में ईपीएफओ ने इसके सुचारू क्रियान्वयन के लिए आवश्यक केंद्रीय आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर (CITES) को अपग्रेड करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिससे दावों का निपटान अधिक पारदर्शी और तेज गति से डिजिटल माध्यम से हो सकेगा।
