September 5, 2026

“Embrace AI, but never forget values-Dr. Monica Uppal:“तकनीक और AI के साथ संस्कारों को न भूलें, बच्चों को अच्छा इंसान बनाना भी शिक्षा का लक्ष्य” — डॉ. मोनिका उप्पल, प्राचार्य-DBMS कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन

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सर्च न्यूज: सच के साथ: जमशेदपुर: शिक्षक दिवस के अवसर पर सर्च न्यूज से विशेष बातचीत में DBMS College of Education की उप-प्राचार्या डॉ. मोनिका उप्पल ने आधुनिक शिक्षा, तकनीक और नई पीढ़ी के सामने मौजूद चुनौतियों पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी तकनीक, इंटरनेट और Artificial Intelligence (AI) के दौर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसरों का द्वार खोल रहा है, लेकिन तकनीक का सही और जिम्मेदार इस्तेमाल सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। शिक्षकों की भूमिका अब केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को तकनीक का विवेकपूर्ण, रचनात्मक और सकारात्मक उपयोग सिखाने की भी है।

डॉ. उप्पल ने कहा, “हम आधुनिक तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर जरूर चलें, लेकिन अपनी भारतीय संस्कृति, संस्कारों और मानवीय मूल्यों को पीछे न छोड़ें। तकनीक हमें स्मार्ट बना सकती है, लेकिन संस्कार हमें बेहतर इंसान बनाते हैं।”उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान और परीक्षा की तैयारी तक सीमित न रखें, बल्कि उनमें संवेदनशीलता, जिम्मेदारी, नैतिकता और सामाजिक चेतना भी विकसित करें।

“मेरी माँ मेरी पहली और सबसे बड़ी शिक्षिका रहीं”*अपने जीवन की प्रेरणा का उल्लेख करते हुए डॉ. मोनिका उप्पल ने अपनी माँ श्रीमती वीना गोंदल को अपनी सबसे बड़ी शिक्षिका और आदर्श बताया। उन्होंने कहा कि उनकी माँ स्वयं शिक्षिका थीं और उन्होंने विद्यालय में विद्यार्थियों को तथा घर में अपने बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और जीवन-मूल्य भी दिए।

भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि: “मेरी माँ ने जो मूल्य मुझे दिए, वही आज मेरी सबसे बड़ी पूंजी हैं और मैं उन्हीं मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास कर रही हूँ।”

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