November 3, 2026

दिल्ली में डिजिटल अरेस्ट का सबसे बड़ा मामला: बुजुर्ग एनआरआई डॉक्टर दंपति से ठगे ₹14.85 करोड़

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सर्च न्यूज: सच के साथ: दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश-II में रहने वाले एक बुजुर्ग एनआरआई दंपति, डॉक्टर ओम तनेजा (81) और उनकी पत्नी डॉक्टर इंदिरा तनेजा (77), साइबर ठगों के एक बड़े जाल का शिकार हो गए. ठगों ने खुद को दूरसंचार विभाग (DoT) और महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारी बताकर उन्हें दो हफ्तों से अधिक समय (करीब 15-16 दिन) तक “डिजिटल अरेस्ट” (घर पर ही वीडियो निगरानी) में रखा. इस दौरान डरा-धमकाकर बदमाशों ने उनके बैंक खातों से कुल ₹14.85 करोड़ ट्रांसफर करवा लिए. दिल्ली में डिजिटल फ्रॉड के जरिए की गई यह अब तक की सबसे बड़ी ठगी मानी जा रही है.

पीड़ित डॉक्टर दंपति करीब 45-48 वर्षों तक अमेरिका में रहकर संयुक्त राष्ट्र (UN) में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और साल 2015 में सेवानिवृत्त होकर भारत लौटे थे. ठगों ने शुरुआत में उन्हें कॉल कर कहा कि उनके नाम पर जारी सिम कार्ड से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा करने वाले गंभीर अपराध किए गए हैं. इसके बाद व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए फर्जी सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही और पुलिस पूछताछ का नाटक रचकर उन्हें चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी में रखा गया. डर और मानसिक दबाव के चलते पीड़ितों को विश्वास हो गया कि वे किसी कानूनी मुसीबत में हैं और उन्होंने अपनी जीवनभर की पूरी कमाई ठगों के हवाले कर दी.

मामले की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने तुरंत जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने अब तक इस सिंडिकेट से जुड़े तीन आरोपियों को गुजरात और प्रयागराज से गिरफ्तार किया है, जो ठगी के पैसों के लिए म्युल (फर्जी) बैंक खाते मुहैया कराते थे. अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान लगभग ₹4 करोड़ का सुराग मिला है, जिसमें से ₹2 करोड़ को विभिन्न खातों में फ्रीज कर दिया गया है. पुलिस अब इस रैकेट के मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने के लिए आगे की तकनीकी छानबीन कर रही है.

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