November 4, 2026

धनबाद में साइबर ठगी: खुद को IPS अधिकारी बताकर कोल कर्मी के बेटे से ठगे 42 हजार रुपये, डिजिटल अरेस्ट की दी धमकी

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सर्च न्यूज: सच के साथ: धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां एक साइबर ठग ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर कोल कर्मी के बेटे से 42 हजार रुपये ठग लिए। यह मामला बरोरा थाना क्षेत्र की मुराईडीह कॉलोनी का है। पीड़ित की पहचान रवि कुमार के रूप में हुई है, जो कोल कर्मी संतोष हरिजन के बेटे हैं। आरोप है कि ठग ने खुद को आईपीएस अधिकारी ज्ञान सिंह बताकर रवि कुमार से संपर्क किया और उन्हें गिरफ्तारी का डर दिखाया। इसके बाद कथित डिजिटल अरेस्ट का भय पैदा कर उनसे अलग-अलग किस्तों में पैसे ट्रांसफर करा लिए गए।

फोन पर गिरफ्तारी का डर दिखाकर कराए पैसे ट्रांसफर: पीड़ित की शिकायत के अनुसार, आरोपी ने पुलिस अधिकारी होने का दावा करते हुए उन्हें कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की धमकी दी। इस दबाव में रवि कुमार ने फोन-पे के माध्यम से कई बार में कुल 42 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने बरोरा थाने में लिखित शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्ट में आरोपी की वास्तविक पहचान और ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए मामले में पुलिस जांच के बाद ही अन्य तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।

पुलिस की अपील—डिजिटल अरेस्ट के नाम पर न दें पैसे: बरोरा थाना प्रभारी अभय कुमार ने लोगों से इस तरह की साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन पर खुद को पुलिस अधिकारी या जांच एजेंसी का सदस्य बताकर गिरफ्तारी की धमकी देने और पैसे मांगने पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले अपराधी लोगों में डर पैदा कर उनसे पैसे वसूलने की कोशिश करते हैं। हालांकि, केवल फोन या वीडियो कॉल के जरिए किसी व्यक्ति को वास्तविक रूप से गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। यदि कोई इस तरह की ठगी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए और नजदीकी पुलिस थाने को भी सूचना देनी चाहि

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