September 5, 2026

CM Hemant Soren:झारखंड में नदियों, तालाबों और डैमों को अतिक्रमण मुक्त कराने का युद्ध स्तर पर आदेश

Screenshot_20260529_190750_Instagram

सर्च न्यूज: सच के साथ: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में जल निकायों पर हो रहे अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहरों की नदियाँ, तालाब, डैम और नाले राज्य की जीवनरेखा हैं, और इन प्राकृतिक संसाधनों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जल स्रोतों के संरक्षण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

नगर विकास और आवास विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े आदेश दिए कि नदियों और तालाबों के किनारे बने अवैध मकानों और अन्य निर्माण कार्यों को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए। उन्होंने कहा कि जो निर्माण पहले ही हो चुके हैं, उन्हें चिन्हित कर अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू की जाए। सरकार का लक्ष्य जल स्रोतों के प्राकृतिक बहाव को बहाल करना और शहरी पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखना है।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि अतिक्रमण कर बनाए गए घरों का तत्काल गहन सर्वे कराया जाए और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने जल निकायों पर अवैध निर्माण किया है, उन्हें लिखित नोटिस जारी किया जाए और यदि वे स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाते हैं, तो प्रशासन युद्ध स्तर पर उन संरचनाओं को ध्वस्त करने की कार्रवाई करे। साथ ही, ऐसे मामलों में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

अंत में, मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि नदी किनारों और जल स्रोतों पर निर्माण करना न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि यह जल निकासी की व्यवस्था को भी गंभीर नुकसान पहुँचाता है। उन्होंने राज्य के निवासियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे झारखंड की प्रकृति और भविष्य की रक्षा के लिए जल स्रोतों पर किसी भी प्रकार का निर्माण न करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

You may have missed