September 4, 2026

CJP Protest:सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में हुई तत्काल (अर्जेंट) सुनवाई, अदालत ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से अपना पक्ष स्पष्ट करने का दिया निर्देश

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सर्च न्यूज: सच के साथ: सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में तत्काल (अर्जेंट) सुनवाई हुई है, जिसमें अदालत ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता और तत्कालिकता को देखते हुए दोनों सरकारों को अगली सुबह तक अपना पक्ष स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। बार एसोसिएशन की चल रही हड़ताल के कारण बुधवार को सरकार की तरफ से कोई वकील कोर्ट में उपस्थित नहीं हो सका, जिसके चलते अदालत ने मामले को अगले दिन के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

यह सुनवाई एडवोकेट और सामाजिक कार्यकर्ता राकेश कुमार सैनी द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर की गई। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि पर्यावरण और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक पिछले 18 दिनों से लगातार आमरण अनशन पर बैठे हैं, जिससे उनकी सेहत बेहद चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। याचिका में मांग की गई है कि प्रशासन को तत्काल निर्देश दिए जाएं ताकि वांगचुक को एक सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित किया जा सके और डॉक्टरों की देखरेख में उनकी जान बचाने के लिए आवश्यक जीवनरक्षक उपचार व मेडिकल तरल पोषण (फोर्स-फीडिंग) सुनिश्चित किया जा सके।

सोनम वांगचुक देश की शिक्षा व्यवस्था में कथित धांधलियों और नीट (NEET) परीक्षा से जुड़े विवादों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा आयोजित 25 दिवसीय आंदोलन के समर्थन में 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। डॉक्टरों और सहयोगियों के मुताबिक, इस लंबे अनशन के कारण उनका वजन करीब 8.5 किलोग्राम तक घट गया है, मांसपेशियां कमजोर हो गई हैं और उनका ब्लड प्रेशर व शुगर लेवल लगातार गिर रहा है, जिससे उनकी जान को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

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