सर्च न्यूज: सच के साथ: चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम): जिला समाहरणालय सभागार में मंगलवार को राइट टू सर्विस (RTS) एक्ट के तहत जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य आम नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह सरकारी सेवाएं सुनिश्चित करना तथा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करना था।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा राइट टू सर्विस एक्ट के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों, उनके निष्पादन, लंबित मामलों तथा सेवा वितरण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा अनावश्यक विलंब की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ विभागों में लंबित मामलों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई कर सभी लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही ऑनलाइन आवेदन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आम जनता को योजनाओं और सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी बल दिया गया।उपायुक्त ने कहा कि राइट टू सर्विस एक्ट का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सेवाएं बिना किसी परेशानी के निर्धारित समय में उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
बैठक के अंत में सभी विभागों को नियमित मॉनिटरिंग, लंबित मामलों की साप्ताहिक समीक्षा तथा सेवा वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि जिले के नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।