November 3, 2026

बिहार विधान परिषद चुनाव में बदले समीकरण, चार शिक्षक सीटों पर BJP, RJD, जन सुराज और निर्दलीय उम्मीदवार की जीत

file_00000000345881f492578caa819ce539

पटना, 28 अक्टूबर 2026। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए हुई द्विवार्षिक चुनाव प्रक्रिया में मतगणना के दौरान कई महत्वपूर्ण नतीजे सामने आए। चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम घोषित होने तक भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय जनता दल (RJD), जन सुराज और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की। सबसे चर्चित नतीजा पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का रहा, जहां राजद के डॉ. संजीव कुमार ने भाजपा के वरिष्ठ नेता नवल किशोर यादव को 1,057 मतों से पराजित कर दिया। इस जीत के साथ नवल किशोर यादव का लगभग तीन दशक पुराना चुनावी वर्चस्व समाप्त हो गया।


पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अंतिम परिणामों के अनुसार, डॉ. संजीव कुमार को 4,487 मत मिले, जबकि नवल किशोर यादव को 3,430 मत प्राप्त हुए। नवल किशोर यादव इस सीट से लगातार पांच बार जीत दर्ज कर चुके थे। मतगणना के शुरुआती दौर में वह आगे चल रहे थे, लेकिन अंतिम गणना में तस्वीर बदल गई और राजद प्रत्याशी ने निर्णायक बढ़त हासिल कर ली। इस परिणाम को पटना के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।


तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह ने जीत दर्ज की। उन्हें 2,945 मत मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय प्रत्याशी भूषण कुमार झा को 2,351 मत प्राप्त हुए। सारण शिक्षक सीट पर भाजपा के बागी उम्मीदवार राहुल राज ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दूसरी वरीयता के मतों की गणना के बाद जीत हासिल की। वहीं, दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज के सुरेश प्रसाद राय विजयी रहे। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधान पार्षद डॉ. मदन मोहन झा को पीछे छोड़कर जीत दर्ज की।
बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों में चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। शिक्षक सीटों के परिणामों ने अलग-अलग दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों के लिए सफलता के अवसर दिखाए हैं। 28 अक्टूबर की सुबह तक चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों—पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी—में मतगणना जारी थी। इन सीटों के अंतिम परिणाम आने के बाद ही चुनाव में विभिन्न दलों के समग्र प्रदर्शन की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

You may have missed