September 5, 2026

बिहार: एक 28 साल के युवक की मौत ने जगा दी राज्य की अंतरात्मा

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बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में आज सन्नाटा नहीं, बल्कि एक भारी उबाल है। यहां के लोग 28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी को अब केवल एक नाम से नहीं, बल्कि अपने ‘गांव का भगत सिंह’ मानकर याद कर रहे हैं। 17 जून को एक कथित पुलिस एनकाउंटर में भरत की मौत के बाद से ही इलाके में विरोध की आग भड़क उठी है। भरत ने अपनी मौत से पहले पुलिस द्वारा घर घेरे जाने का लाइव वीडियो बनाया था, जिसमें वे व्यवस्था और नेताओं के ‘झूठे वादों’ के खिलाफ अपना आक्रोश दर्ज करा रहे थे।

भरत की मौत की खबर जैसे ही वायरल हुई, भोजपुर में जनसैलबा उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में लोगों ने महापंचायत में हिस्सा लेकर न्याय की मांग बुलंद की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार को तुरंत कदम उठाने पड़े। राज्य सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं, संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है और कम से कम दो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला भी दर्ज किया गया है।

आज भरत का निर्माणाधीन घर सांत्वना देने आने वाले लोगों से भरा रहता है। यहां ग्रामीणों से लेकर सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता लगातार पहुंच रहे हैं। अर्रा-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित उनके घर के बाहर लोगों की भीड़ यह बताने के लिए काफी है कि भरत का संघर्ष केवल उनका व्यक्तिगत मामला नहीं रहा, बल्कि एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।

​यह घटना बिहार के प्रशासनिक और पुलिस तंत्र पर गहरे सवाल खड़े कर रही है। व्यवस्था बदलने की बात कहने वाले भरत की मौत ने राज्य की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। अब सबकी निगाहें इस न्यायिक जांच पर टिकी हैं कि क्या वास्तव में ‘सिस्टम’ सुधारने की बात करने वाले भरत को न्याय मिल पाएगा, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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