September 5, 2026

भारत की रक्षा ताकत को नई उड़ान: दिव्यास्त्र Mk3 और ULPGM-V3 के परीक्षण से बढ़ी स्वदेशी तकनीक की उम्मीद

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सर्च न्यूज: सच के साथ: भारत ने स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने का दावा किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, कवा यूएवी (HoverVT) ने स्वदेशी जेट इंजन से संचालित लॉटरिंग म्यूनिशन दिव्यास्त्र Mk3 की पहली सफल उड़ान पूरी की। इस तरह की तकनीक का उद्देश्य निगरानी और लक्ष्य पर सटीक कार्रवाई के लिए मानवरहित प्रणालियों की क्षमता बढ़ाना है। इससे रक्षा क्षेत्र में घरेलू तकनीक और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।इसके साथ ही DRDO द्वारा ULPGM-V3 मिसाइल का भी सफल परीक्षण किए जाने की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रणाली हवा से सतह और हवा से हवा में मार करने की क्षमता से जुड़ी है। ऐसी तकनीकों के विकास से भारतीय सशस्त्र बलों की निगरानी, सटीक प्रहार और आधुनिक युद्धक क्षमताओं को मजबूती मिल सकती है।इन परीक्षणों को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, किसी भी हथियार प्रणाली की वास्तविक क्षमता, तैनाती और परिचालन स्थिति का आकलन आधिकारिक रक्षा मंत्रालय या DRDO की विस्तृत जानकारी के आधार पर ही किया जाना चाहिए। स्वदेशी प्रणालियों के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा तकनीक विकसित करने की क्षमता को निश्चित रूप से बल मिलता है।

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