Arka Jain University:अरका जैन विश्वविद्यालय में एआईसीटीई प्रायोजित छह दिवसीय अटल एफडीपी का शुभारंभ
–बीएचयू, जामिया, रांची विश्वविद्यालय सहित 50 से अधिक संस्थानों की उल्लेखनीय सहभागिता-
सर्च न्यूज:सच के साथ:जमशेदपुर। गम्हरिया स्थित अरका जैन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट के डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट (बीबीए) द्वारा छह दिवसीय अटल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई), नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित है, जिसमें देशभर के शिक्षकों, शोधकर्ताओं और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया है।
इस वर्ष एफडीपी की थीम “बिजनेस ऑन व्हील्स” रखी गई है। कार्यक्रम के दौरान उद्यमिता, व्यापार, नवाचार और अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ अपने अनुभव, शोध और व्यावहारिक ज्ञान प्रतिभागियों के साथ साझा कर रहे हैं। छह दिनों तक चलने वाला यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को नए विचारों और आधुनिक दृष्टिकोण से जोड़ने का अवसर प्रदान कर रहा है।
इस एफडीपी में देश के 50 से अधिक प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिभागी शामिल हुए हैं। इनमें काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), जामिया मिल्लिया इस्लामिया, रांची विश्वविद्यालय सहित कई प्रमुख शिक्षण एवं शोध संस्थानों के प्राध्यापक, शोधकर्ता और स्नातकोत्तर विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर सुप्रसिद्ध अर्थशास्त्री, पूर्व प्रोफेसर, एक्सएलआरआई एवं ईडीसी सेल के संस्थापक प्रो. डॉ. प्रबल के. साहन ने लगभग आठ घंटे तक प्रतिभागियों के साथ संवाद किया। उन्होंने उद्यमिता, व्यापार, नवाचार और आर्थिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने अनुभव साझा किए, जिन्हें प्रतिभागियों ने अत्यंत प्रेरणादायक और उपयोगी बताया।
इस कार्यक्रम का नेतृत्व स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट की सहायक डीन डॉ. पांपी दास सेनगुप्ता तथा कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अंकेता सिंह कर रही हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. निकिता शुक्ला, डॉ. विजयता, डॉ. रमा सिंह, प्रो. उज्ज्वल प्रकाश सहित अन्य प्राध्यापकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम कोल्हान क्षेत्र में उच्च शिक्षा, शोध और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आने वाले दिनों में यह कार्यक्रम शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के कौशल विकास के साथ-साथ अकादमिक उत्कृष्टता और नवाचार को नई दिशा प्रदान करेगा।


