सर्च न्यूज: सच के साथ: अमरीकी ट्रेजरी विभाग द्वारा जारी हालिया आंकड़ों के अनुसार, संयुक्त राज्य अमरीका का कुल राष्ट्रीय कर्ज को पार कर गया है। यह मील का पत्थर विशेषज्ञों द्वारा लगाए गए अनुमानों से कहीं पहले आ गया है। इस तीव्र वृद्धि ने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में बढ़ते वित्तीय संकट और अनियंत्रित सरकारी खर्चों को लेकर चिंताएं काफी बढ़ा दी हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले एक दशक में अमरीका पर कर्ज का बोझ दोगुनी रफ्तार से बढ़ा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल (2017) की शुरुआत में यह कर्ज लगभग 19.95 लाख करोड़ डॉलर था, जो अब उनके दूसरे कार्यकाल के दौरान बढ़कर दोगुना हो चुका है। कोरोना महामारी के दौरान दिए गए राहत पैकेज, विभिन्न प्रशासनों द्वारा टैक्स में की गई कटौती और सामाजिक कल्याण योजनाओं (जैसे मेडिकेयर और सोशल सिक्योरिटी) पर होने वाले भारी खर्च को इस कर्ज के इतनी तेजी से बढ़ने का मुख्य कारण माना जा रहा है।इस भारी-भरकम कर्ज के कारण अब अमरीकी सरकार के लिए इस पर ब्याज चुकाने की लागत भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जो देश के रक्षा बजट को भी टक्कर दे रही है। इस स्थिति से निपटने के लिए अमरीकी कांग्रेस को आने वाले महीनों में एक बार फिर कर्ज लेने की कानूनी सीमा (Debt Ceiling) को बढ़ाने पर विचार करना पड़ सकता है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यदि इस वित्तीय घाटे को जल्द नियंत्रित नहीं किया गया, तो भविष्य में अमरीकी नागरिकों को उच्च मुद्रास्फीति (महंगाई) और बढ़ती ब्याज दरों का सामना करना पड़ सकता है।