September 5, 2026

अब टाटा नगरी बनाएगी हथियार! आदित्यपुर के उद्योगों को मिला डिफेंस सेक्टर का बड़ा मौका

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जमशेदपुर/आदित्यपुर: क्या आने वाले दिनों में जमशेदपुर सिर्फ स्टील और ऑटोमोबाइल के लिए नहीं, बल्कि देश के रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए भी जाना जाएगा? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि आदित्यपुर के उद्योगों को अब सीधे देश की डिफेंस सप्लाई चेन से जोड़ने की बड़ी पहल शुरू हो गई है।

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने आदित्यपुर में उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड, खासकर आदित्यपुर और जमशेदपुर का औद्योगिक क्षेत्र, देश के रक्षा उत्पादन में बड़ी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वे पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़कर रक्षा क्षेत्र में उपलब्ध नए अवसरों का लाभ उठाएं।

दरअसल, देश में रक्षा उत्पादन और रक्षा निर्यात लगातार बढ़ रहा है। भारत आज दुनिया के कई देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है और सरकार का लक्ष्य इस क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाना है। ऐसे में छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) के लिए नए दरवाजे खुल रहे हैं।

आदित्यपुर में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को DRDO, HAL और रक्षा क्षेत्र की बड़ी कंपनियों से जोड़ना था, ताकि यहां के उद्यमी भी सेना के लिए जरूरी उपकरणों और पुर्जों के निर्माण में भागीदारी कर सकें। इसके लिए उद्योगपतियों को तकनीक, गुणवत्ता मानकों और बाजार की जरूरतों की जानकारी दी गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आदित्यपुर के इंजीनियरिंग और ऑटो कंपोनेंट उद्योग रक्षा क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार कर लेते हैं, तो इससे न केवल कारोबार बढ़ेगा बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यही वजह है कि इस पहल को झारखंड के औद्योगिक भविष्य के लिए एक बड़े मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

संजय सेठ ने भरोसा जताया कि जमशेदपुर और आदित्यपुर में मौजूद औद्योगिक क्षमता देश को आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन की दिशा में नई ताकत दे सकती है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि स्थानीय उद्योग इस अवसर को कितनी तेजी से अपनाते हैं और झारखंड को देश के उभरते डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग नक्शे पर कितनी मजबूती से स्थापित करते हैं।

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