September 5, 2026

4 दिनों में 3 मौतें: तमिलनाडु में NEET अभ्यर्थियों की आत्महत्या के बाद राज्य को परीक्षा से छूट देने की मांग तेज

NEET-4

रविवार को होने वाली पुनर्परीक्षा से पहले शुक्रवार और शनिवार को सेलम, धर्मपुरी और कृष्णागिरि जिलों में तीन छात्रों की मौत की घटनाओं ने तमिलनाडु में NEET को लेकर बहस को और तेज कर दिया है।

तमिलनाडु में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। राज्य में पुनर्परीक्षा से ठीक पहले चार दिनों के भीतर तीन NEET अभ्यर्थियों द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाओं ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चिंता बढ़ा दी है। इन मौतों के बाद राज्य को NEET से छूट देने की मांग फिर जोर पकड़ने लगी है।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सेलम, धर्मपुरी और कृष्णागिरि जिलों में शुक्रवार और शनिवार को तीन छात्रों ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मृतकों की पहचान 19 वर्षीय एस. गोपिका, 19 वर्षीय आर. रोशिनी और 20 वर्षीय सी. वेत्री आनंदन के रूप में हुई है। ये घटनाएं 21 जून को आयोजित NEET पुनर्परीक्षा से ठीक पहले सामने आईं, जिससे परीक्षा के दबाव और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।

गौरतलब है कि इस वर्ष 3 मई को आयोजित NEET परीक्षा को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया। हालांकि, परीक्षा से जुड़े विवाद और अनिश्चितता के बीच देशभर में कई छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ने की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, मई से अब तक विभिन्न राज्यों में कम से कम 12 NEET अभ्यर्थियों ने आत्महत्या की है।

तमिलनाडु लंबे समय से NEET का विरोध करता रहा है और राज्य सरकार लगातार इसे समाप्त करने या राज्य को इससे छूट देने की मांग उठाती रही है। ताजा घटनाओं के बाद राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने की अपील की है। उनका कहना है कि छात्रों की लगातार हो रही मौतें केवल परीक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि शिक्षा प्रणाली में मौजूद गहरे दबाव की ओर भी इशारा करती हैं।

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