September 5, 2026

28 जून से भूख हड़ताल पर बैठेंगे सोनम वांगचुक?

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लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार को बड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि यदि 28 जून से पहले उनकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। वांगचुक ने इस आंदोलन को जवाबदेही और लद्दाख से जुड़े मुद्दों की लड़ाई बताया है।

वांगचुक की मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करना और लद्दाख से जुड़े पर्यावरणीय एवं संवैधानिक मुद्दों पर ठोस कदम उठाना शामिल है। उनका कहना है कि यदि सरकार कम से कम एक प्रमुख मांग पर भी सकारात्मक निर्णय लेती है, तो आंदोलन टल सकता है। इसके लिए उन्होंने 27 जून तक का समय दिया है।

सोनम वांगचुक इससे पहले भी लद्दाख के पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय अधिकारों और संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर कई बार लंबे आंदोलन और भूख हड़ताल कर चुके हैं। उनका कहना है कि यह संघर्ष किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और लद्दाख के भविष्य की सुरक्षा के लिए है।

अब सबकी नजर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी है। यदि निर्धारित समय सीमा तक कोई समाधान नहीं निकलता, तो 28 जून से शुरू होने वाली प्रस्तावित भूख हड़ताल राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच होने वाली बातचीत पर सभी की निगाहें रहेंगी।

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