September 4, 2026

125 साल पुराने गुरुद्वारे पर हमला, भारत का कड़ा विरोध

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पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के फारूकाबाद स्थित 125 वर्ष पुराने ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब के एक हिस्से को कथित तौर पर ध्वस्त किए जाने की घटना पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने इस घटना को “बेहद निंदनीय” और सिख आस्था पर लक्षित तोड़फोड़ की कार्रवाई बताते हुए पाकिस्तान सरकार से दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि गुरुद्वारे के एक हिस्से को कथित रूप से भूमि माफिया ने नुकसान पहुंचाया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस घटना और स्थानीय प्रशासन की कथित निष्क्रियता से गहराई से चिंतित है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाना गंभीर मामला है और पाकिस्तान को तुरंत निष्पक्ष जांच कर दोषियों को न्याय के कटघरे में लाना चाहिए। साथ ही क्षतिग्रस्त हिस्से का जल्द पुनर्निर्माण कराने की भी मांग की गई है।

भारत ने इस घटना को कोई अकेली घटना मानने से इनकार करते हुए पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों पर लगातार हो रहे कथित हमलों पर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान सरकार से अपनी संवैधानिक और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों का पालन करते हुए अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सांप्रदायिक हिंसा और धार्मिक असहिष्णुता पर प्रभावी रोक लगाने का आग्रह किया है।

गौरतलब है कि पिछले महीने भी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मर्दान शहर में एक गुरुद्वारे की देखरेख करने वाले सिख दंपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ऐसे घटनाक्रमों के बीच भारत ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा हर देश की जिम्मेदारी है और पाकिस्तान को इस दिशा में ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने होंगे।

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