September 4, 2026

विश्व बाघ दिवस पर टाटा जू में जागरूकता कार्यक्रम, DFO सबा आलम ने बच्चों को दिया वन्यजीव संरक्षण का संदेश

IMG-20260630-WA0003

सर्च न्यूज: सच के साथ:जमशेदपुर: विश्व बाघ दिवस के अवसर पर टाटा जूलॉजिकल पार्क में बुधवार को विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रकृति प्रेमियों ने भाग लिया। इस अवसर पर जमशेदपुर के डीएफओ सबा आलम ने बच्चों को बाघों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण का महत्व समझाते हुए पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जैव विविधता की रक्षा के लिए बाघों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।

डीएफओ सबा आलम ने अपने संबोधन में कहा कि बाघ केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि पूरे जंगल के संतुलन का प्रतीक हैं। यदि बाघ सुरक्षित रहेंगे तो जंगल और वहां का पूरा पारिस्थितिकी तंत्र भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने बच्चों से प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने, पेड़-पौधों की रक्षा करने और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनने की अपील की। साथ ही उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत छोटे-छोटे प्रयासों से ही होती है।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए वन्यजीव संरक्षण विषय पर संवाद, प्रश्नोत्तरी और जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने बाघों की घटती संख्या, उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लेते हुए वन्यजीवों के संरक्षण का संकल्प लिया।

आयोजकों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य नई पीढ़ी में प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। टाटा जूलॉजिकल पार्क और वन विभाग भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण से जुड़े ऐसे अभियान चलाते रहेंगे, ताकि समाज में वन्यजीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो सके।

You may have missed