September 6, 2026

राज्यसभा रण: कांग्रेस की मनुहार, JMM की दावेदारी और BJP की बड़ी तैयारी

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रांची: झारखंड की राजनीति इन दिनों राज्यसभा चुनाव को लेकर गर्म है। सत्ता पक्ष के भीतर सीटों को लेकर चल रही खींचतान ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। एक ओर कांग्रेस अपने उम्मीदवार के लिए समर्थन जुटाने में लगी है, तो दूसरी ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) दोनों सीटों पर अपना दावा मजबूत बताने में जुटी है। इसी बीच भाजपा ने भी अपनी रणनीति को धार देने के लिए बड़ा दांव चल दिया है।

राज्यसभा चुनाव की घोषणा के बाद कांग्रेस ने प्रणव झा को अपना उम्मीदवार बनाया है। पार्टी का मानना है कि गठबंधन में दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी होने के नाते उसे एक सीट मिलनी चाहिए। यही वजह है कि कांग्रेस नेतृत्व लगातार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गठबंधन सहयोगियों के साथ संवाद बनाए हुए है।

वहीं JMM का रुख भी कम दिलचस्प नहीं है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि दोनों सीटों पर उनका दावा मजबूत है और अंतिम फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या महागठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक है या फिर सीटों की लड़ाई आगे और तेज होगी।

इधर भाजपा भी इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के झारखंड दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है। उनके नेतृत्व में होने वाली बैठकों में संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है। भाजपा इस मौके को राजनीतिक रूप से भुनाने और अपने संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने की तैयारी में दिखाई दे रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव भले ही संख्या के खेल पर आधारित हो, लेकिन इस बार यह चुनाव गठबंधन की एकजुटता और राजनीतिक ताकत की भी परीक्षा बन गया है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि कांग्रेस अपनी दावेदारी को कितना मजबूत कर पाती है, JMM क्या अंतिम फैसला लेती है और भाजपा इस पूरे समीकरण में क्या भूमिका निभाती है।

फिलहाल झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है और सभी की निगाहें अब अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हैं।

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