पाकिस्तान का ‘डबल गेम’? शांति की बात भी, सऊदी में सेना की तैनाती भी!
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच पाकिस्तान एक बार फिर वैश्विक चर्चा में है। एक तरफ इस्लामाबाद खुद को “मध्यस्थ” यानी शांति कराने वाला देश बताने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ खबरें सामने आई हैं कि उसने सऊदी अरब में हजारों सैनिक, लड़ाकू विमान और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि यही पाकिस्तान हाल के महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिश भी कर रहा था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं — क्या पाकिस्तान दोनों तरफ खेल रहा है?
विशेषज्ञों का मानना है कि सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से मजबूत रक्षा संबंध रहे हैं। पिछले साल दोनों देशों ने Strategic Mutual Defence Agreement भी साइन किया था, जिसके तहत किसी एक देश पर हमला दोनों पर हमला माना जाएगा।
लेकिन मौजूदा हालात में पाकिस्तान की यह तैनाती ईरान को सीधा संदेश भी मानी जा रही है। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। कई विश्लेषकों का कहना है कि अगर ईरान इसे सऊदी समर्थन के रूप में देखता है, तो खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष और तेज हो सकता है।
अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान की यह रणनीति उसे एक मजबूत खिलाड़ी बनाएगी या फिर उसकी “न्यूट्रल मध्यस्थ” वाली छवि को नुकसान पहुंचाएगी।
फिलहाल पश्चिम एशिया में माहौल शांत जरूर दिख रहा है, लेकिन अंदर ही अंदर भू-राजनीतिक हलचल काफी तेज हो चुकी है।
