November 4, 2026

मां के जाने से टूटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन; सोशल मीडिया पर लिखा— “बाबा के बाद मां ही मेरी सबसे बड़ी छांव थीं”

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सर्च न्यूज: सच के साथ: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक दिवंगत ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का बुधवार रात करीब 8:30 बजे निधन हो गया। वह 80 वर्ष की थीं और लंबे समय से सांस लेने में तकलीफ व किडनी से संबंधित बीमारियों से जूझ रही थीं। उन्हें रांची के बरियातू स्थित हिल व्यू अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों और वेंटिलेटर सपोर्ट के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की खबर से पूरे सोरेन परिवार, शुभचिंतकों और झारखंड के राजनीतिक गलियारों में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है।

मां के जाने से व्यथित मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बेहद भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने अपनी माता को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “बाबा के जाने के बाद माँ ही मेरी सबसे बड़ी छांव थीं। आज वह छांव भी प्रकृति की गोद में समा गयीं। माँ…” इस दुखद समाचार के बाद मुख्यमंत्री के सभी आगामी राजनीतिक कार्यक्रम और कैबिनेट बैठकें स्थगित कर दी गई हैं। रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके मुराबादी स्थित गुरुजी के आवास पर रखा गया है, जहां राज्य के तमाम वरिष्ठ नेता, मंत्री और समर्थक शोक संवेदनाएं व्यक्त करने पहुंच रहे हैं।झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) द्वारा दी गई आधिकारिक सूचना के अनुसार, रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव नेमरा (रामगढ़) में किया जाएगा।

गुरुवार, 8 अक्टूबर को सुबह 9 बजे उनके पार्थिव शरीर को रांची से नेमरा के लिए रवाना किया जाएगा, जहां दोपहर करीब 12 बजे पूरे रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा। रूपी सोरेन को झारखंड के संघर्ष के दिनों में शिबू सोरेन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाली एक बेहद साहसी और त्याग की प्रतिमूर्ति महिला के रूप में याद किया जा रहा है।