November 5, 2026

Justice Swarana Kanta Sharma Contempt Case Takes New Turn. जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा विवाद में नया मोड़, सौरभ दास ने दावों को बताया गलत|

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सर्च न्यूज: सच के साथ: दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा से जुड़े अवमानना मामले में पत्रकार सौरभ दास ने अदालत में उनके खिलाफ की गई कुछ दलीलों पर आपत्ति जताई है। दास का कहना है कि उनके द्वारा जस्टिस शर्मा को लेकर की गई टिप्पणियों को हटाने का दावा गलत है। उन्होंने अपनी रिपोर्टिंग को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और आरटीआई से मिली सूचनाओं पर आधारित बताया है।

यह मामला उस समय चर्चा में आया जब जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से जुड़े मामलों और सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों को लेकर आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू हुई। याचिका में आरोप लगाया गया कि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए न्यायमूर्ति शर्मा को निशाना बनाने वाला अभियान चलाया। मामले में आम आदमी पार्टी के नेताओं और पत्रकार सौरभ दास का नाम भी सामने आया है।

सौरभ दास ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से असहमति जताते हुए कहा कि उन्होंने संबंधित टिप्पणियां हटाई नहीं हैं और उनकी रिपोर्टिंग उपलब्ध दस्तावेजों एवं सूचनाओं पर आधारित थी। वहीं, अदालत में विभिन्न पक्षों की ओर से मामले से जुड़ी सामग्री और आरोपों पर अलग-अलग दलीलें रखी गई हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है।

इस पूरे विवाद की जड़ जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से जुड़े एक मामले में निष्पक्षता को लेकर उठे सवालों तक जाती है। अरविंद केजरीवाल की ओर से भी जस्टिस शर्मा को मामले से अलग करने की मांग की गई थी, जिसमें उनके बच्चों के केंद्र सरकार के पैनल वकील होने का मुद्दा उठाया गया था। हालांकि, यह पूरा मामला अभी न्यायालय के विचाराधीन है और अंतिम कानूनी स्थिति अदालत के आगे के आदेशों के बाद ही स्पष्ट होगी।

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