सर्च न्यूज: सच के साथ: जमशेदपुर, 19 अगस्त 2026झारखंड के जमशेदपुर में मानसून के सक्रिय होने से पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। ओडिशा के व्यांगबिल डैम, सरायकेला के चांडिल डैम और स्थानीय गंजिया बैराज के फाटक खोले जाने के बाद खरकई और सुवर्णरेखा नदियां खतरे के निशान से कई मीटर ऊपर बह रही हैं। इस प्रशासनिक जल निकासी और भारी बारिश के कारण जुगसलाई, बागबेड़ा, कदमा और मानगो जैसे निचले रिहायशी इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से घुस गया है, जिससे सैकड़ों परिवारों के आशियाने जलमग्न हो गए हैं।
जलमग्न गलियों में लाइफ जैकेट और ट्यूब के सहारे राहत अभियानसड़कों और घरों में कमर तक पानी भर जाने के कारण लोग अपने ही घरों की ऊपरी मंजिलों पर कैद होकर रह गए हैं। इस विकट परिस्थिति में सरकारी तंत्र के साथ-साथ स्थानीय नगर परिषद के पार्षदों और युवा स्वयंसेवकों ने देवदूत बनकर मोर्चा संभाला है। जलभराव वाले अत्यंत संवेदनशील और संकरे रास्तों में फंसे लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए इन जांबाज कार्यकर्ताओं ने लाइफ जैकेट पहनी और भारी-भरकम इंफ्लेटेबल रेस्क्यू ट्यूब (बचाव ट्यूब) के सहारे पानी को तैरकर पार किया, ताकि फंसे हुए नागरिकों तक मदद पहुंचाई जा सके। भूखे पेट न सोए कोई परिवार, मुस्तैदी से बांटे जा रहे भोजन के पैकेटराहत दलों का मुख्य उद्देश्य बाढ़ के कारण चूल्हा न जल पानेv वाले प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाना है। स्वयंसेवकों ने पानी में डूबकर हर घर का दरवाजा खटखटाया और संकट में घिरे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के बीच तैयार भोजन के पैकेट, सूखे राशन की सामग्रियां और पीने का साफ पानी वितरित किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया है कि जब तक नदियों का जलस्तर सामान्य नहीं हो जाता, तब तक प्रभावित बस्तियों में राहत सामग्री की आपूर्ति और भोजन का वितरण बिना रुके लगातार जारी रहेगा।