November 4, 2026

ISI spy network busted in Ludhiana:लुधियाना में ISI जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश! दुकान की आड़ में पाकिस्तान को भेज रहा था CCTV की लाइव फीड, आरोपी गिरफ्तार

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सर्च न्यूज: सच के साथ: पंजाब के लुधियाना में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए कथित जासूसी करने वाले एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने फिरोजपुर रोड स्थित एक किराये की दुकान को जासूसी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया और दुकान के बाहर लगाए गए CCTV कैमरों की लाइव फीड पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स तक पहुंचाई

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान रछपाल सिंह, निवासी गुरदासपुर के रूप में हुई है। उसने लुधियाना के न्यू सुंदर नगर इलाके में दुकान किराये पर ली थी। यह स्थान बड्ढोवाल कैंटोनमेंट से करीब छह किलोमीटर की दूरी पर बताया गया है। आरोप है कि दुकान को नियमित रूप से कारोबार के लिए खोलने के बजाय वहां से आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।

CCTV कैमरों से भेजी जा रही थी लाइव फीड: जांच में सामने आया कि आरोपी ने दुकान के बाहर सड़क की ओर दो चीन निर्मित CCTV कैमरे लगाए थे। इन कैमरों का रिमोट एक्सेस कथित तौर पर पाकिस्तान में मौजूद हैंडलर्स को दिया गया था, जिससे वे इलाके की गतिविधियों और सुरक्षा से जुड़ी आवाजाही को लाइव देख सकते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कैमरों की फीड का इस्तेमाल कितने समय तक और किस उद्देश्य से किया गया।पुलिस का आरोप है कि कैमरों के जरिए सैन्य गतिविधियों और सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी जुटाई और सीमा पार भेजी जा रही थी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि आरोपी के संपर्क में पाकिस्तान के कितने हैंडलर थे और इस नेटवर्क में उसके अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

पुलिस ने ऐसे दबोचा: लुधियाना पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर 27 अगस्त को कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके कब्जे से दो CCTV कैमरे, Wi-Fi राउटर, पावर एडाप्टर और 64GB मेमोरी कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। उसके खिलाफ Official Secrets Act और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पूछताछ में खुल सकते हैं बड़े राज: जांच एजेंसियां अब आरोपी के मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरणों, CCTV एक्सेस और संपर्कों की जांच कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसे कथित पाकिस्तानी हैंडलर्स से किस माध्यम से संपर्क मिला और क्या उसके जरिए किसी अन्य संवेदनशील स्थान की जानकारी भी सीमा पार भेजी गई थी। पुलिस को आशंका है कि पूछताछ से पंजाब में सक्रिय किसी बड़े जासूसी नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी सामने आ सकती है।