November 4, 2026

धनबाद नगर निगम के टैक्स कलेक्टरों ने CM हेमंत सोरेन से की समायोजन की मांग

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सर्च न्यूज: सच के साथ: धनबाद नगर निगम में पिछले 10 वर्षों से होल्डिंग टैक्स वसूल रहे आउटसोर्सिंग कर्मियों के सामने अचानक रोजगार का बड़ा संकट गहरा गया है. हाल ही में राज्य सरकार के आदेश पर सूडा (राज्य शहरी विकास अभिकरण) ने टैक्स संग्रहण करने वाली निजी एजेंसी का अनुबंध तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. निजी एजेंसी के हटने के बाद इन अनुभवी कर्मचारियों को सेवा से मुक्त किए जाने का खतरा सता रहा है, जिसके कारण इन परिवारों के समक्ष आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है.अपनी नौकरी और भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से पीड़ित टैक्स कलेक्टरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की. कर्मचारियों ने रांची (नेमरा) में मुख्यमंत्री को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर अपनी व्यथा बताई. उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि पिछले एक दशक के उनके लंबे और समर्पित कार्य अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें सीधे नगर निगम के तहत ही समायोजित (Regularize) किया जाए, ताकि उनकी नौकरी बची रहे.

इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से सुनते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रतिनिधिमंडल को ढाढस बंधाया और सकारात्मक पहल का भरोसा दिया. उन्होंने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि सरकार स्थापित नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत इस दिशा में जल्द ही उचित कदम उठाएगी. मुख्यमंत्री से मिले इस ठोस आश्वासन के बाद बेरोजगार होने की कगार पर खड़े होल्डिंग टैक्स कर्मियों में राहत की एक नई उम्मीद जागी है.

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