November 6, 2026

Change in NCERT syllabus:NCERT सिलेबस में बड़ा बदलाव: लोकतंत्र की परीक्षा बताने के लिए जोड़ा गया ‘इमरजेंसी’ का चैप्टर, चुनाव आयोग के काम को भी सराहा

IMG-20260618-WA0013

सर्च न्यूज: सच के साथ::NCERT के कक्षा 9वीं के पाठ्यक्रम (Syllabus) में 1975-1977 के आपातकाल (Emergency) से संबंधित सेक्शन को शामिल किया गया है। इस समाचार के मुख्य बिंदु नीचे तीन अनुच्छेदों में दिए गए हैं:

ऐतिहासिक संदर्भ का समावेश: NCERT ने कक्षा 9वीं के सिविक्स (नागरिक शास्त्र) के पाठ्यक्रम में बदलाव करते हुए 1975 से 1977 के बीच भारत में लगे आपातकाल के कालखंड को विशेष रूप से शामिल किया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण दौर के बारे में गहराई से शिक्षित करना है। इस अध्याय में आपातकाल लागू होने के कारणों, जैसे इंदिरा गांधी सरकार द्वारा उद्धृत ‘आंतरिक अशांति’ और इसके बाद हुए संवैधानिक परिवर्तनों पर चर्चा की जाएगी।

चुनाव आयोग की भूमिका: नए अपडेटेड सिलेबस में ‘इलेक्शन’ (चुनाव) चैप्टर के अंतर्गत चुनाव आयोग (Election Commission) की कार्यप्रणाली और उसकी निष्पक्षता की सराहना की गई है। विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा कि कैसे आयोग देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करता है। इसके साथ ही, आपातकाल के बाद 1978 में किए गए संशोधनों, जैसे ‘आंतरिक अशांति’ शब्द को ‘सशस्त्र विद्रोह’ से बदलने और अनुच्छेद 20 व 21 की सुरक्षा जैसे विषयों को भी जोड़ा गया है।

शिक्षा नीति और अपडेट: यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत पाठ्यक्रम को समकालीन और अधिक विस्तृत बनाने के प्रयासों का हिस्सा है। NCERT का मानना है कि कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए लोकतंत्र की शक्तियों और कमजोरियों को समझना अनिवार्य है। इस नए पाठ्यक्रम के माध्यम से छात्र यह जान सकेंगे कि कैसे आपातकाल के दौरान नागरिक अधिकारों को सीमित किया गया था और बाद में लोकतांत्रिक संस्थाओं ने खुद को फिर से कैसे मजबूत किया।

You may have missed