November 4, 2026

उत्तराखंड: बागेश्वर के ऐतिहासिक आदि बद्री मां भगवती मंदिर में भीषण आग, नक्काशीदार ढांचा जलकर खाक

file_0000000036ac820ca09a76994aa4dd57

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कपकोट तहसील के अंतर्गत आने वाले सुदूरवर्ती बड़ियाकोट गांव से एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई है। शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 की सुबह यहां स्थित ऐतिहासिक और आस्था के प्रमुख केंद्र आदि बद्री मां भगवती मंदिर में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरे मंदिर परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। आसमान में दूर-दूर तक उठते धुएं के गुबार और धधकती लपटों को देखकर स्थानीय ग्रामीणों में हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई।यह प्राचीन मंदिर अपनी पारंपरिक हिमालयी वास्तुकला और लकड़ी पर की गई बेहद खूबसूरत व बारीक नक्काशी के लिए प्रसिद्ध था।

आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मंदिर का मुख्य नक्काशीदार लकड़ी का ढांचा और पूजा के लिए तैयार किया गया माता का विशेष पंडाल जलकर पूरी तरह खाक हो गया है। पावन नवरात्रि उत्सव के बीच हुई इस भीषण दुर्घटना से पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों में गहरे शोक और मायूसी का माहौल है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह वही पवित्र स्थान है जहां मां आदिशक्ति ने महिषासुर के सहयोगी दैत्य निशुंभ का वध किया था, जिसके कारण इसे पुराणों में ‘वध कोट’ भी कहा गया है।

प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, घटना के वास्तविक कारणों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन स्थानीय स्तर पर शॉर्ट सर्किट या पूजा के लिए जलाए गए दीपक की लंबी बाती से आग भड़कने की आशंका जताई जा रही है। बदियाकोट का यह क्षेत्र मुख्य कपकोट से लगभग 50 किलोमीटर दूर अत्यधिक दुर्गम और पर्वतीय इलाके में स्थित है। इस वजह से वहां तत्काल आधुनिक अग्निशमन (फायर फाइटिंग) सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पाईं, जिससे आग पर काबू पाने में स्थानीय लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। प्रशासन द्वारा घटना स्थल का जायजा लेकर हुए वास्तविक नुकसान और कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

You may have missed