November 5, 2026

Ranchi: सैमसंग में लाखों की नौकरी छोड़ सेना में अफसर बने रांची के अपूर्व कुमार: कठिन प्रशिक्षण पूरा कर बने लेफ्टिनेंट

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बीआईटी मेसरा से की मैकेनिकल इंजीनियरिंग; कॉर्पोरेट करियर त्याग कर चुना देश सेवा का रास्ता, गया OTA में पासिंग आउट परेड में माता-पिता ने लगाए कंधे पर स्टा

सर्च न्यूज: सच के साथ: ​रांची:​कॉर्पोरेट जगत की चमचमाती नौकरी और भारी-भरकम पैकेज छोड़कर देश सेवा का मार्ग चुनने की एक नई मिसाल रांची के लाल ने कायम की है। रांची के कोकर निवासी अपूर्व कुमार ने आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी सैमसंग (Samsung) में इंजीनियर की नौकरी त्यागकर भारतीय सेना में अधिकारी बनने का अपना सपना पूरा कर लिया है। हाल ही में गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) में 1 साल का बेहद कठिन शारीरिक व मानसिक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर वे सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में शामिल हुए हैं।​शुरुआत से ही मेधावी छात्र, बीआईटी मेसरा से की इंजीनियरिंग​अपूर्व का शुरुआती शैक्षणिक सफर बेहद प्रभावशाली रहा है​10वीं की पढ़ाई: सुरेंद्र नाथ सेंटेनरी स्कूल से 10 CGPA के साथ पास की।​इंटरमीडिएट: जेवीएम श्यामली से पूरी की।​बीटेक: बीआईटी मेसरा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।​पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका चयन सैमसंग कंपनी में बतौर इंजीनियर हो गया था, लेकिन उनका दिल हमेशा से ही वर्दी और देश सेवा की ओर खिंचा रहता था।.

​नौकरी के साथ जारी रखी तैयारी, नहीं मानी हार: ​सैमसंग में नौकरी करने के दौरान ही अपूर्व ने भारतीय सेना में प्रवेश के लिए अपनी तैयारी जारी रखी। कठिन प्रतिस्पर्धा के बावजूद वे अपनी मेहनत के दम पर सेना अधिकारी चयन परीक्षा में सफल हुए। इसके बाद ओटीए गया में 12 महीनों तक कड़ी मिलिट्री ट्रेनिंग ली और हर कसौटी पर खुद को साबित किया। ​माता-पिता ने लगाए कंधे पर स्टार, स्कूल ने किया सम्मानित​गया में आयोजित पासिंग आउट परेड के भावुक क्षण में अपूर्व के पिता (सहकारिता विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी सुनील कुमार साह) और उनकी माता ने गर्व के gbb साथ बेटे की वर्दी पर लेफ्टिनेंट के स्टार लगाए। परेड के दौरान सैन्य अधिकारियों ने उनके माता-पिता को ‘गौरव पदक’ से सम्मानित भी किया। अपूर्व की इस उपलब्धि पर उनके पूर्व विद्यालय सुरेंद्र नाथ सेंटेनरी स्कूल ने उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया है।

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