September 6, 2026

दिल रुका तो क्या करेंगे आप?

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जमशेदपुर में CPR सीखने उमड़े लोग, विशेषज्ञों ने बताया जीवन बचाने का सबसे आसान मंत्र

हार्ट अटैक और अचानक कार्डियक अरेस्ट के बढ़ते मामलों के बीच जमशेदपुर में एक ऐसी पहल हुई, जिसने लोगों को सिर्फ बीमारी से बचने ही नहीं, बल्कि किसी की जान बचाने का हुनर भी सिखाया। मणिपाल हॉस्पिटल्स द्वारा आयोजित हृदय स्वास्थ्य जागरूकता और CPR प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने के तरीके सीखे।

विशेषज्ञों ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट के बाद शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि सही समय पर CPR दिया जाए, तो मरीज के बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। यही कारण है कि अब यह कौशल केवल डॉक्टरों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आम लोगों के लिए भी उतना ही जरूरी माना जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान हृदय रोगों के बढ़ते खतरे, अस्वस्थ जीवनशैली, तनाव और अनियमित खानपान के प्रभावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। चिकित्सकों ने लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी।

सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि प्रतिभागियों को केवल जानकारी नहीं दी गई, बल्कि उन्हें CPR की व्यावहारिक ट्रेनिंग भी कराई गई। लोगों ने सीखा कि किसी व्यक्ति के अचानक बेहोश होने या दिल की धड़कन रुकने जैसी स्थिति में घबराने के बजाय किस तरह तुरंत कार्रवाई की जा सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समाज में अधिक से अधिक लोग CPR तकनीक सीख लें, तो हर साल कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। यही संदेश इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भी रहा—जागरूक बनें, प्रशिक्षित बनें और जरूरत पड़ने पर किसी की जिंदगी बचाने के लिए तैयार रहें।

आज के दौर में जहां हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं, वहां CPR जैसी सरल लेकिन प्रभावी तकनीक हर व्यक्ति के लिए एक जीवनरक्षक कौशल बनती जा रही है।

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