September 15, 2026

Cheque bounce case:चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट की आखिरी मोहलत, 2 करोड़ रुपये जमा करने के लिए मिले दो हफ्ते

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सर्च न्यूज: सच के साथ: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। चेक बाउंस से जुड़े मामलों में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उन्हें दो हफ्ते के भीतर 2 करोड़ रुपये जमा करने का अंतिम अवसर दिया है। यह मामला फिल्म प्रोडक्शन से जुड़े वित्तीय विवाद और मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ भुगतान को लेकर चल रही कानूनी कार्रवाई से जुड़ा है।

राजपाल यादव पर फिल्म निर्माण से जुड़े वित्तीय लेन-देन में चेक बाउंस होने के मामले चल रहे हैं। शिकायतकर्ता मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का आरोप है कि अभिनेता ने वर्ष 2013 में बकाया रकम के भुगतान के लिए कई चेक जारी किए थे, जो बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर अनादरित हो गए।मामला वर्ष 2010 में फिल्म निर्माण के लिए ली गई वित्तीय सहायता से जुड़ा बताया गया है। इस विवाद ने आगे चलकर अदालत में चेक बाउंस के मामलों का रूप ले लिया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, वर्ष 2010 में राजपाल यादव को फिल्म निर्माण के लिए करीब 5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई थी। बाद में भुगतान को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ और वर्ष 2013 में चेक बाउंस होने के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में सात चेक बाउंस मामलों के संबंध में राजपाल यादव के खिलाफ कार्यवाही हुई है।

15 सितंबर की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को बकाया भुगतान के लिए ठोस प्रस्ताव रखने और 2 करोड़ रुपये जमा करने का अवसर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह उन्हें दिया गया अंतिम अवसर है।

इससे पहले 8 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को सरेंडर करने से अंतरिम छूट दी थी। यह राहत 5 करोड़ रुपये कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने की शर्त पर दी गई थी।मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के 10 जुलाई 2026 के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर नोटिस जारी किया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने सात चेक बाउंस मामलों में दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए प्रत्येक मामले में तीन महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई थी।

सुप्रीम कोर्ट की नई मोहलत के बाद राजपाल यादव को निर्धारित समय के भीतर 2 करोड़ रुपये जमा करने और भुगतान का ठोस प्रस्ताव पेश करने की दिशा में कदम उठाना होगा। यदि अदालत की शर्तों का पालन नहीं होता है, तो उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई में आगे के आदेश आ सकते हैं।यह मामला अभिनेता के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि अदालत पहले भी भुगतान और समझौते को लेकर समय दे चुकी है।

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